वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
हमने दोनों मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा
कोलकाता। फर्जी कॉल सेंटर के ज़रिए लोन और इंश्योरेंस दिलाने का झांसा देकर आम लोगों से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों 'बंटी' उर्फ संदीप बर और 'बबली' उर्फ शोमा सेनगुप्ता को आखिरकार एयरपोर्ट थाना पुलिस ने शुक्रवार को बिराटी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। कुछ दिन पहले पुलिस को जानकारी मिली थी कि कैखाली इलाके में एक भूया़ (फर्जी) कॉल सेंटर चलाया जा रहा है, जहाँ से देशभर में फोन कर लोगों को बीमा पॉलिसी या लोन दिलवाने का वादा कर उनसे एडवांस पैसे वसूले जा रहे हैं। एयरपोर्ट थाने की पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां छापेमारी की थी। छापे के दौरान कई कर्मचारी गिरफ्तार किए गए थे, लेकिन उस वक्त कॉल सेंटर के असली मालिक बंटी-बबली फरार हो गए थे। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के ज़रिए लगातार निगरानी जारी रखी थी। शुक्रवार को एक पुख्ता सूचना के आधार पर बिराटी इलाके में दबिश दी गई और दोनों को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह लोगों को कॉल करके लो-इंटरेस्ट लोन या प्रॉफिटेबल इंश्योरेंस स्कीम्स का लालच देता था। फिर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज, या एडवांस प्रीमियम के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे। एक बार पैसा मिल जाने के बाद, उनका नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी में होता था। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि उनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है, और अब तक इन्होंने कितने लोगों से ठगी की है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस गिरोह का कोई बाहरी राज्य से कनेक्शन है। एयरपोर्ट थाना के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह एक सुनियोजित ठगी रैकेट था, जिसमें कॉल सेंटर की आड़ में लोगों से पैसे लूटे जा रहे थे। हमने दोनों मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।